अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके भी भाषा नीति और परिसीमन के विरोध में उतरी, कहा- यह संघवाद के खिलाफ

चेन्नई:  तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने तीन भाषा नीति और परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। अब मशहूर फिल्म अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (तमिलगा वेत्री कषगम) ने भी इनके विरोध में प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव में वक्फ संशोधन विधेयक का भी विरोध किया गया है। इसे लेकर टीवीके की बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि वे केंद्र सरकार से वक्फ संशोधन विधेयक को वापस लेने की अपील करेंगे।

‘तीन भाषा नीति संघवाद की भावना के खिलाफ’
तीन भाषा नीति का विरोध करते हुए टीवीके ने कहा कि पार्टी दो भाषा नीति के प्रति समर्पित रहेगी और नई शिक्षा नीति के तहत तीन भाषा नीति का विरोध करती है। यह नीति संघवाद की भावना के खिलाफ है और टीवीके कभी भी भाषा को इस तरह से थोपे जाने को बर्दाश्त नहीं करेगी। परिसीमन को लेकर टीवीके ने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन जरूरी नहीं है क्योंकि इससे दक्षिणी राज्यों में लोकसभा की सीटें घट सकती हैं।

टीवीके प्रमुख विजय ने कहा कि ‘परिसीमन के जरिए केंद्र सरकार तमिलनाडु की लोकसभा सीटें घटाने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री जी, जब आपने एक देश एक चुनाव की बात कही थी, हम तब से ही आपकी योजना समझते हैं। श्रीमान तमिलनाडु को लेकर संभलकर कदम उठाएं। तमिलनाडु ऐसा राज्य है, जिसने कई बार अपनी ताकत का अहसास कराया है। मैं फिर कहना चाहता हूं श्रीमान की संभलकर कदम उठाएं।’

टीवीके ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी का भी मुद्दा उठाया और प्रस्ताव में इस मुद्दे के स्थायी समाधान की मांग की। पार्टी ने मछुआरों का समर्थन किया। प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के तमिलनाडु के मछुआरों को भी गुजरात के मछुआरों की तरह समझना चाहिए और मछुआरों की समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।

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